नमस्कार दोस्तों हमारे भारतीय🇮🇳👳 संस्कृति ब्लाग में आप सभी का स्वागत है
माँ के वचन 🙏🙏माँ कहा करतीं थीं जिसका धन जाता है उसका धर्म भी चला जाता है अर्थात जब किसी व्यक्ति का कुछ चोरी होता है तब वह निर्दोष व्यक्ति को भी शक के निगाह से देखने🎑 लगता है क्योंकि उसे तो पता नहीं होता कि चोरी किसने की और वह व्यक्ति निरपराधी को भी अपराधी मानने का पाप कर देता है | इसी के साथ माँ कहतीं थीं कि व्यक्ति का मानसिक स्थिति भी इस कदर असंतुलित हो जाता है कि थाली खोने पर गगरी में हाथ डाल कर थाली को खोजता है मतलब असंभव जगह भी प्रयास करता है अपना खोई हुई चीज को तलाशने का | कितना सटीक विश्लेषण करतीं थीं रोजमर्रा के जीवन का साथ ही साथ हमलोगो को शिक्षित भी करतीं रहतीं थीं अपने सहज एवं सरल तरीके से | आज भी आप के द्वारा सिखाई गई बातें जीवन की कठिनाइयों को दूर करती रहती है एवं मुश्किल घड़ी में भी सकारात्मक व्यवहार के साथ लड़ने तथा जीतने का आत्मबल प्रदान करतीं हैं माँ 🙏🙏🙏
Sikh bhari baatein ♥️
जवाब देंहटाएंLessons for life
जवाब देंहटाएं