पचास साल के बाद की दिनचर्या

प्रिय दोस्तों👭👬👫 आज मैं  उन लोगो के बारे में कुछ बातें लिखना चाहती हूँ जो लोग अपने जीवन में पचास बसंत देख चुके हैं  . सबसे पहले तो आपलोग खुश 😄😃 हो जाइये कि आपने अर्धशतक पुरा कर लिया  . भारतीय संस्कृति में शतायु पुरा करने की स्थिति को आदर्श जीवन काल माना गया है  जो कि अब कम लोग ही  पुरा कर पाते हैं  . पचास साल पुरा कर लेने के बाद व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता होती हैं  
अब ये बात समझ लेना चाहिए कि जीवन का अधिकांश समय भागदौड़ में बीत गया  और अब ठहरकर अपने बारे में सोचने की आवश्यकता है. अपने स्वास्थ्य के लिए सोचना चाहिए
1. जहाँ तक संभव हो सके  जल्दी सोने और  सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए
2.  योग एवं व्यायाम को अपने दैनिक जीवन में अनिवार्य रूप से शामिल कर लेना चाहिए
3. अपने किसी एक हाॅवी को विकसित कर लेना चाहिए . 
4 . हो सके तो अपने आस पास के किसी बाग बगीचे मे थोड़ा समय व्यतीत करने की आदत डाल लेना चाहिए ताकि आप प्रकृति🌿🍃 के सानिध्य में कुछ समय बिता सके.
 5. वैसे तो व्यक्ति को शुरू से ही शाकाहारी भोजन करना चाहिए  परंतु अगर अभी तक  मांसाहारी हैं तो  शाकाहारी भोजन अपना लेना चाहिए . 
उपरोक्त बातों को अपने जीवन में शामिल कर के आगे और पचास साल तक स्वस्थ जीवन जीने की परिकल्पना कर सकते हैं  . 
अगर आप स्वस्थ हैं तभी आप अपने उपार्जित धन 💰का सदुपयोग कर पाएंगे वरना आप के मेहनत से कमाए धन का उपयोग कोई और करेगा इस लिए तो कहा गया है  स्वास्थ्य ही धन है.
HEALTH IS WEALTH 🙏🙏


टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

फलसफा जिंदगी का

भारतीय🇮🇳👳 संस्कृति में कोरोना से बचाव के उपाय

माँ की सीख🙏🙏 माँ हमेशा सिखाया करतीं थीं. जीवन में कभी भी बेकार मत बैठे रहना क्योंकि बैठे बैठे व्यक्ति👤 सोने की दीवार खा जाता है🤗 मतलब धनी व्यक्ति भी अगर कोई उद्यम नहीं करता है और विरासत में मिली संपत्ति का उपभोग करते रहता है तो वह कंगाल हो जाता है | वहअपने बच्चों👧👦 के लिए कुछ भी नहीं छोड़कर जाएगा | इसलिए विरासत में मिली संपत्ति को अपने बच्चों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए एवं अपने तथा परिवार👨👦👧👩👴👵 के लिए रोटी स्वयं उपार्जन करना चाहिए | कितने अमूल्य विचारों को आपने सहज ही समझा दिया माँ..🙏🙏🙏