माँ से की गई शिकायतें 🙏🙏🙏माँ से जब भी कभी खाने के बारे में या कभी किसी कपड़े की शिकायत करती थी तब बहुत ही धैर्य के साथ सारी बातों को सुनतीं थी| कभी किसी के साथ चिल्लाकर बात करने की आदत नहीं थीं उनकी. असीम धीरज था उनके पास इसी से कोई भी विपदा परास्त करने की क्षमता रखती थी माँ | हमलोग द्वारा बहुत परेशान किए जाने पर एक ही जबाब होता माँ के पास " जब स्वयं माँ बनोगी तब समझ में आएगा " बिल्कुल सही कहतीं थीं आप | माँ आपकी परेशानियों का अंदाज़ा लगा सकती हूँ |लेकिन अब क्या फायदा अब तो आप से माफी भी नहीं मांग सकती | हो सके तो बेवकूफी भरी नासमझी के लिए क्षमा कर दीजिएगा 🙏🙏🙏

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माँ की सीख🙏🙏 माँ हमेशा सिखाया करतीं थीं. जीवन में कभी भी बेकार मत बैठे रहना क्योंकि बैठे बैठे व्यक्ति👤 सोने की दीवार खा जाता है🤗 मतलब धनी व्यक्ति भी अगर कोई उद्यम नहीं करता है और विरासत में मिली संपत्ति का उपभोग करते रहता है तो वह कंगाल हो जाता है | वहअपने बच्चों👧👦 के लिए कुछ भी नहीं छोड़कर जाएगा | इसलिए विरासत में मिली संपत्ति को अपने बच्चों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए एवं अपने तथा परिवार👨👦👧👩👴👵 के लिए रोटी स्वयं उपार्जन करना चाहिए | कितने अमूल्य विचारों को आपने सहज ही समझा दिया माँ..🙏🙏🙏