Health is wealth प्रिय दोस्तों👭👬👫 आज मैं एक ऐसे महामारी या बीमारी के बारे में लिखने जा रहीं हूँ जिस पर पहले ही काफी कुछ लिखा जा चुका है . लेकिन मेरा मन नहीं माना मुझे लगता है कि कोविड 19 या कोरोना वायरस के बारे में जितना भी चर्चा की जाएगी वह समीचीन होगा . इस का कारण है कि अब हमलोगो को कोरोना के साथ जीने की आदत डालने की आवश्यकता है . अगर मानसिक रूप से मज़बूत रहेगें तभी इस को हरा पाएंगे . इस बीमारी से अबतक कितना नुकसान हुआ है उसका आकलन कर पाना मुश्किल है.इस बीमारी के दीर्घकालिक नुकसान अवश्य ही हो ना है जैसा कि अन्य महामारी के समय होता है . फिलहाल इस बीमारी ने विकसित देश और विकासशील देश के बीच का फर्क समाप्त कर दिया है . युरोपीय देश हो या अमेरिका🇺🇸 जैसा विकसित देश सारी स्वास्थ्य सुविधाएं कम पड़ गया और लोग काल के गाल में समाते चले गए और शीर्ष नेतृत्व शोक प्रकट करने के सिवा कुछ भी नहीं कर सका . दो तीन बातें इस महामारी के वक्त स्पष्ट हुआ है जो पूरी दुनिया के आखें खोल देने में सक्षम है पहली ये कि पुरा विश्व🌏 एक अदृश्य शक्ति के समक्ष घुटने टेकने को मजबूर हो गया .दूसरी ये कि माल्थस (अर्थशास्त्री) का सिद्धांत भी सत्य साबित हो रहा है कि प्रकृति स्वयं जनसंख्या नियंत्रण करती है . पृथ्वी पर पर उतनी ही जनसंख्या रहेगा जितना प्रकृति चाहेगी . तीसरी और सबसे अहम बात ये कि मानव जाति को लघुता का अहसास इस बीमारी ने करवा दिया . कोई एक सर्वोच्च सत्ता है जो इस पुरे ब्रह्मांड को संचालित कर रहा है भले ही हम उसे माने या न माने अथवा किसी भी रूप में उपासना करें .

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