रक्षाबन्धन त्योहार 2020

रक्षाबन्धन का त्यौहार 2020
भारत त्यौहारों का देश है |भारतीय संस्कृति में सात वार  नौ त्योहार वाली कहावत चरितार्थ होती है यानि सात दिन के सप्ताह में नौ त्योहार मनाने की परंपरा चली आ रही है  |श्रावण पूर्णिमा के दिन भारतीय संस्कृति में रक्षाबन्धन के रूप मेंेे मनाने की परंपरा है | इस बार अन्य त्योहार की तरह रक्षाबन्धन त्योहार पर भी कोरोना का ग्रहण  लगा रहेगा |
परंतु हमलोगो को सावधानी बरतते हुए अपने परंपरा को निभाने का सार्थक प्रयास करना चाहिए |
रक्षाबन्धन 2020 का शुभ मुहूर्त  -3 अगस्त  दिन सोमवार को पूर्वान्ह  9:14  बजे से रात्रि 9:17  बजे तक |
रक्षाबन्धन का त्यौहार मनाने के पीछे कुछ पौराणिक कथाओं का महत्वपूर्ण स्थान है .कहा जाता  हैं कि  एक बार     श्री कृष्ण  भगवान की कलाई पर  चोट लग गई थी तब  द्ौपदी ने साङी  का आंचल फाङकर  कलाई पर बांध दी  श्रीकृष्ण भगवान ने  मुस्कुराते हुए जीवन भर रक्षा करने का वादा किया  जिसें उन्होने निभाया भी .
रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के संबंध के बीच अनूठा प्रेम का परिचायक है  जो भारत में प्राचीन काल से मनाया जाता आ रहा है .
इस संदर्भ में एक  और प्राचीन कथा प्रचलित हैं एक बार देवासुर संग्राम हुआ जिसमें देवताओं की हार होती दिख रही थी तब देवराज इन्द्र देवताओं के गुरु बृहस्पति के पास गए. देवताओं के जीत के लिए  गुरु बृहस्पति ने श्रावण पूर्णिमा के दिन पूजा पाठ करवाया और उसके बाद इन्द्र की पत्नी ने देवताओं के विजय हेतु देवराज इन्द्र के कलाई पर कलावा बांधकर जीत की कामना की | इसके साथ ही अन्य देवताओं के कलाई पर भी कलावा बांध कर सभी के लिए सुरक्षित जीत की कामना की गई| 
कलाई पर राखी या कलावा बांधते समय इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है... 
"ऊँ येन  बद्धो  बलि  राजा दानवेन्द्रो महाबल :
तेन त्वामापि बन्धनान् रक्षे मा चल मा चल  |
आधुनिक काल में भी रक्षाबंधन के एतिहासिक उदाहरण दृष्टि गोचर होतें है.. चित्तौड़ की रानी कर्णावती ने हुमायूँ  को पत्र के साथ  राखी भेजकर गुुजरात केे राजा से रक्षा हेतु मदद माांगी थी  | हुमायूँ ने राखी  का मान रखते हुए  रानी के तरफ से युद्ध किया एवं रानी के सम्मान की रक्षा की | 
रक्षबंधन का त्यौहार इस लिए मनाया जाता है कि जो हमारी रक्षा करे या रक्षा करने का वचन निभाये उसका हम सम्मान करें |इस संदर्भ में मेरा व्यक्तिगत विचार है कि  बहन की रक्षा अगर बहन करती है बहन को ही राखी बांधना चाहिए, अगर कोई दोस्त एक दूसरे की रक्षा करता है तो दोस्त भी एक दूसरे को राखी बांध सकते हैं |
रक्षाबंधन मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाला ऐसा त्योहार है  जिसमें  हम एक दूसरे के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करते हैं |
आज आवश्यकता इस बात की है कि किस प्रकार हम अपने विरासत में मिली अमूल्य संस्कारों को संजो कर  रखें, बाजारीकरण के इस युग में  दिखावे की अंधी दौड़ से बचने का प्रयास करें और इस त्योहार को शालीनता के साथ गरिमापूर्ण ढंग से मनाए 🌹🌹

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